All songsLarger textSong 472जब से गुलशन मे मसीह आयाजब से गुलशन मे मसीह आया बहार आने लगी जिन्दगी भी अब नयी इक जिन्दगी पाने लगी Verse टिमटिमाते थे दिलों मे हम सभी के जो चिराग उन चिरागों मे नई अब रोशनी आने लगी