Song 436
आरधना स्तुति आरधना
Chorus
आरधना स्तुति आरधना
आरधना वो दुआर है खोलती
जो है बंद पड़े
प्रकाशन से जीना सिखाती
ऐसी आराधन
चाहे जो हो जीवन मे
Verse
अब्राहम एस्साक ने की
पर्वत पे आरधना
अदभुद समर्थ से भर्ती
है ऐसी आरधना
Verse
दनियेल सिंहों के बीच में
करता है आरधना
मौत भी भागी उससे,
देखकर आरधना
Verse
दाऊद नाच-नाच के
करता है आराधना
आत्मा सचाई से करता
है उसकी आरधना
Verse
दुल्हन दूल्हे से मिलकर
करती है आरधना
सातवीं मोहर के नीचे,
है उसकी आरधना