Song 417
आवाज़ उठायेंगे
आवाज़ उठायेंगे,
हम साज़ बजायेंगे
है यीशु महान अपना
ये गीत सुनायेंगे
संसार की सुन्दरता में
है रूप तो तेरा ही
इन चांद सितारों में
है अक्स तो तेरा ही
महिमा की तेरी बातें
हम सबको बतायेंगे
है यीशु महान अपना
ये गीत सुनायेंगे
दिल तेरा खज़ाना है
एक पाक मौहब्बत का
थाह पा ना सका कोई
सागर है तू उल्फ़त का
हम तेरी मौहब्बत से
दिल अपना सजायेंगे
है यीशु महान अपना
ये गीत सुनायेंगे
ना देख सका हमको
तू पाप के सागर में
और बनके मनुष्य आया
आकाश से सागर में
मुक्ति का तू दाता है
दुनियां को बतायेंगें
है यीशु महान अपना
ये गीत सुनायेंगे