Song 395
क्रूस पर जान उसने अपनी दी
Chorus
क्रूस पर जान उसने अपनी दी
मिल गयी हमें जिन्दगी नयी
याद कर उस बहते सोते को
जो वहां तेरे लिए मेरे लिए
Verse
वह चलके गिर रहा, वह गिरके उठ रहा है
चुपचाप वह, कुछ भी न कह रहा
जो सहना था हमें पापी संसार में हैं
खुदा का बेटा सह रहा
Verse
वह छेदे हाथ हैं वह काटों का ताज हैं
वह लटका क्रूस पे और लगती प्यास हैं
वह कहता हैं पिता तू इनको माफ कर
धीरे से निकलती सांस हैं