Song 366
खुदाया शुक्र है तेरा
खुदाया शुक्र है तेरा
हमे यह दिन दिखाया है
तेरे दर पर हम आए हैं
और अपना सिर झुकाया है
Verse
हम अपने सारे हिरदे लेकर
तेरे दर पे आएं है
कलाम ए पाक में तूने
हमे यह ही सिखाया है
Verse
हमारे बाल बच्चों पर
सदा नज़रें करम रखना
के जैसे आज तक तेरी रहमत का
हम पर साया है
Verse
मेरी जो सरफ्राजी है
वो तेरी मेहरबानी है
तेरे रहमों करम का या रब्ब
हमने भेद पाया है
Chorus
जैसे हिरणी जल के लिये
वैसे ही प्रभु तेरे वचन के लिए
हॉफता हूँ, हॉफता हूँ
मै जीवते प्रभु का प्यासा हूँ
Verse 1
कब मै जाकर प्रभुको
अपना मुँह दिखाऊँगा
मेरे आसू दिन और रात
मेरा आहार हुए है
जब लोग मुझसे कहते है
तेरा प्रभु कहाँ है।
Verse 2
अब मेरे प्राण तू व्याकुल न हो
तेरा प्रभु यहाँ है
अपने वचन को निभाने को
तेरा प्रभु यहाँ है
कहाँ है वो लोग जो कहते थे
तेरा प्रभु कहाँ है